साई दी सूरत मैनु सोहनी लगदी

  • sai di surat mainu sohni lagdi

साई तेरी किरपा से हो काम पुरे तेरे बिना साई हम है अधूरे,
नाम जपे तेरा शाम सवेरे ज़िन्दी में तुसा रंग बिखरे,
मोहनी सी सूरत मेरे मन के शीशे में तेरी सज्दी,
सोहनी लगदी वे मैनु सोहनी लगदी,
साई दी सूरत मैनु सोहनी लगदी

तू ही हमारे मन के साई वंधन खोले जा,
जैसे भी है बाबा तू तो मन को टटोले जा,
तू ही अंतर् यामी पड़ लेता है मन की बात,
तेरे दर पे बाबा कोई झूठ न बोलेगा,
तेरे चरनन चूमे साई मेरा दुखड़ा सुन ले साई,
तू सबका प्यारा साई तू दे दे उतारा साई
तेरी सच्ची वाणी लगे मेरे साई जैसे रब दी,
सोहनी लगदी वे मैनु सोहनी लगदी,
साई दी सूरत मैनु सोहनी लगदी

सुख दुःख को जीवन में हर पल आते जाते है,
सच्चे मुरशद ही दुखियो को पार लगाते है,
जो भी लगा कर आस तुम्हारे दर पे आते है,
सच्चे मन से साई तेरी ज्योत जलाते है,
तेरे चरनन चूमे साई मेरा दुखड़ा सुन ले साई,
तू सबका प्यारा साई तू दे दे उतारा साई
तेरी सच्ची वाणी लगे मेरे साई जैसे रब दी,
सोहनी लगदी वे मैनु सोहनी लगदी,
साई दी सूरत मैनु सोहनी लगदी

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सब तुझको प्यारे,
जैसे महके गुलशन में फूल अजब है न्यारे न्यारे,
ऐसा तू केवट है साई जो भव से तारे,
रेहमत बरसे बाबा हर पल दर पे देखो तुम्हारे,
तेरे चरनन चूमे साई मेरा दुखड़ा सुन ले साई,
तू सबका प्यारा साई तू दे दे उतारा साई
तेरी सच्ची वाणी लगे मेरे साई जैसे रब दी,
सोहनी लगदी वे मैनु सोहनी लगदी,
साई दी सूरत मैनु सोहनी लगदी

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