ठुमक ठुमक चलें रामचंद्र जी
श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
जय श्री राम!
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी-०२
निरख निरख माता हरषाई-०२
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी,
निरख निरख माता हरषाई।
राम को ढूंढे कौशल्या माई-०२
प्रभु को भोग चखत रघुराई-०२
माया करात संग बेमाई।
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी,
निरख निरख माता हरषाई।
कागा संग खेलत रघुराई-०२
उन्हें चखावत रोटी दिखाई-०२
तीन लोक परिक्रमा कराई,
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी,
निरख निरख माता हरषाई।
और इस भजन को भी देखें: मेरे राम सबका भला कीजिये
परशुराम करत हैं खिजाई-०२
विनती करत तबई रघुराई-०२
अभय होय जो तुम्हें डराई,
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी,
निरख निरख माता हरषाई।
अक्षत करत विनती रघुराई,
आ आ आ
अक्षत करत विनती रघुराई,
तब चरनन में शीश नवाई-०२
मो पर कृपा करो रघुराई,
ठुमक ठुमक चले रामचंद्र जी,
निरख निरख माता हरषाई।
बोलो लखन सियाराम चंद्र की, जय !



