चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई

  • chalo chalo dwariya maai jaha bethe hai sai

चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई,
वहाँ हर मर्ज की मिलती है मुफत दवाई,
चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई,

करले सबुरी थोड़ी पायेगा चैन तू,
साई के रहते क्यों इतना बेचैन क्यों,
यही है राम यही है श्याम यही है कृष्ण कन्हाई,
चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई,

दुखो को ले कर के खुशिया बाँट ते है,
शिरडी में रह कर के मुसीबत काट ते है,
बात उस की नहीं कट ती जिसने भी अर्जी लगाई,
चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई,

सवाली बन कर के तू अगर जाएगा,
बेधक दावा है खाली नहीं आयेगा ,
सब कुछ मिला उसको जिसने भी झोली फैलाई,
चलो चलो दवारियाँ माई जहा बैठे है साई,

मिलते-जुलते भजन...