बोल जय साई राम बोल जय साई राम

  • bol jai sai ram bol jai sai ram

तुझमे है साई देख मुझे में है साई, सब में साई राम
अंतर मन की आँखे खोल और करले इन्हे परनाम,
बोल जय साई राम बोल जय साई राम

श्रदा और सबुरी का मन्त्र सिखाया है,
उधि ने साई की मरते जो बचाया है,
अपनी न मान तू जग की ना मान पर वचन साई के मान,
अंतर मन की आँखे खोल और करले इन्हे परनाम,
बोल जय साई राम बोल जय साई राम

प्रेम भाई चारे से जो भी इंसान रहता है,
सच्चा है वही भगत,ऐसा साई कहता है
कर्म न जान तू धर्म न जान पर इंसानियत को जान ,
अंतर मन की आँखे खोल और करले इन्हे परनाम,
बोल जय साई राम बोल जय साई राम

राम रहीम नानक इसा सब तो एक है
सिखाते है साई सब को मिट ते सब भेद है
गुरु ही भरमा गुरु ही विष्णु गुरु ही है भगवान,
अंतर मन की आँखे खोल और करले इन्हे परनाम,
बोल जय साई राम बोल जय साई राम

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