इतरा ना इतना बंदे दो दिन की जिन्दगी

  • itra na itna bande do din ki jindgani

इतरा ना इतना बंदे दो दिन की जिन्दगानी,
पानी का है बुलबला हो जाए फिर रवानी,
जीवन में करले अच्छे कर्म,
ना पाल मन में झूठा भरम,
तेरे संग में चलेगी नेकी की कहानी,
इतरा ना इतना…………….

हर से किया था वादा कभी,
अच्छे कर्म करूंगा सभी,
भुला प्रभु से वादा,
विषयों में फंस के प्राणी,
इतरा ना इतना………..

“ईश्वर” तू करले भजन बंदगी,
बिगड़ी संवर जाए जिन्दगी,
तज काम क्रोध ओ लालच,
मत बन तू गुमानी,
इतरा ना इतना……..

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