जय जय हो माई के तो चिंता काहे की

  • jai jai ho maai ke to chinta kaahe ki

आया नवराता भीड़ है दर पे माँ ने किरपा है की ,
माँ ने किरपा है की रे भगता माँ ने किरपा है की,

जब से हुआ माँ तेरा वसेरा भरा हुआ भंडार है मेरा,
तेरी किरपा जिस पर हो जाए दुनिया लगाए उसका फेरा,
वो तर जाता माँ तूने जिसपे निगहाये की,
जय जय हो माई के तो चिंता काहे की

तू ही निराली तू है काली दानव डल संगार किये है ,
महिषा सुर क्या रक्त बीज हो तूने सारे मार दिया है,
जब जब विपदा आई जग में तूने सहाई की ,
जय जय हो माई के तो चिंता काहे की

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